11. गतिरोध और ड्रॉ
सीखें कि शतरंज का खेल कब ड्रॉ होता है और गतिरोध (स्टेलमेट) का पेचीदा नियम क्या है।
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पाठ सामग्री
गतिरोध: काले की बारी है पर राजे के पास कोई वैध चाल नहीं — आसपास का हर खाना या तो भरा हुआ है या हमले में है। पर राजा शह में नहीं है। नतीजा: खेल ड्रॉ!
गतिरोध जीतते हुए पक्ष की एक आम ग़लती है। यहाँ सफ़ेद के पास वज़ीर और राजा है जबकि काले के पास सिर्फ़ अकेला राजा। सफ़ेद को बहुत सावधान रहना होगा कि कहीं काले के राजे को गतिरोध में न डाल दे!
काले की बारी है। राजे के पास कोई वैध चाल नहीं, पर वह शह में भी नहीं है। नतीजा क्या होगा?
ड्रॉ के और तरीक़े: (1) आपसी सहमति — दोनों खिलाड़ी ड्रॉ पर राज़ी हों। (2) तीन बार वही स्थिति — एक ही स्थिति तीन बार आए। (3) 50-चाल नियम — 50 चालों में कोई कटाई या प्यादा चाल न हो। (4) अपर्याप्त सामग्री — किसी भी पक्ष के पास शह मात देने का साधन न हो।
राजा बनाम राजा, और कुछ नहीं। नतीजा क्या?
गतिरोध और शह मात में सबसे बड़ा फ़र्क़ क्या है?
मुख्य बातें
- गतिरोध: कोई वैध चाल नहीं + शह में नहीं = ड्रॉ
- गतिरोध और शह मात अलग हैं (ड्रॉ बनाम हार)
- एक तरफ़ की भारी जीत के वक़्त यह आम ग़लती है
- ड्रॉ के और तरीक़े: आपसी सहमति, तीन बार वही स्थिति, 50-चाल नियम, अपर्याप्त सामग्री
- राजा बनाम राजा हमेशा ड्रॉ होता है